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बीएचयू की माइक्रोबायोलोजी लैब में स्क्रब टाइफस से पीड़ित मरीज़ों की संख्या काफी तेज़ी से बढ़ रही है। एक न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार बीएचयू में जुलाई से अब तक स्क्रब टाइफस से पीड़ित मरीज़ों की जाँच के लिए कुल 63 सैंपल आए हैं और इसमें से कुल 24 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। बात अगर इस महीने की करें तो अक्तूबर में बीएचयू की माइक्रोबायोलोजी लैब में 23 सैंपल आए हैं और इसमें 11 सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
ऐसे में आज के अपने इस वीडियो में हम जानेंगे क्या है स्क्रब टाइफस ? स्क्रब टाइफस से पीड़ित मरीज़ों को किस बात का रहता है ख़तरा ? साथ ही समझेंगे कि इससे बचाव कैसे किया जा सकता है ?
स्क्रब टाइफस ये एक तरह का बुखार है जो कीड़ों के काटने से होता है। डेंगू जैसे मिलते-जुलते लक्षणों वाला ये बुखार डेंगू से ज्यादा खतरनाक माना जाता है। अमूमन स्क्रब टाइफस पिस्सुओं के काटने से फैलता है और इस बीमारी के लिए ओरिएंटा सुसुगामुशी नामक जीवाणु इसके लिए ज़िम्मेदार होता है। डेंगू की तरह इस बुखार में भी प्लेटलेट्स की संख्या घटने लगती है। हालाँकि ये बीमारी स्वयं संक्रामक नहीं है लेकिन इसमें शरीर के कई अंगों में संक्रमण फैलने लगता है। इस रोग को बुश टाइफस के नाम से भी जाना जाता है। दक्षिण पूर्व एशिया, इंडोनेशिया, चीन, जापान और भारत के साथ ही उत्तरी ऑस्ट्रेलिया के ग्रामीण इलाकों में इस बीमारी के मामले ज्यादा देखे जाते रहे हैं।
#ScrubTyphus #Disease
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